Bandhak vilekh mein witnesses ka role kya hota hai

बंधक विलेख (Mortgage Deed) में गवाहों (Witnesses) का रोल यह प्रमाणित करना होता है कि कर्ज़दार (Borrower) और लेनदार (Lender) ने दस्तावेज़ पर अपनी मर्जी से, बिना किसी दबाव या धोखे के हस्ताक्षर किए हैं। Registration Act, 1908 के अनुसार, बंधक विलेख पर कम से कम दो गवाहों के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं।

किसी भी प्रॉपर्टी दस्तावेज़ को कानूनी वैधता (Legal Validity) देने के लिए गवाहों की उपस्थिति बहुत ज़रूरी है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि लेन-देन पारदर्शी (transparent) तरीके से हुआ है।

गवाहों (Witnesses) के मुख्य कर्तव्य और नियम

1. पार्टियों की पहचान (Identification): गवाह यह पुष्टि करते हैं कि जिन लोगों ने बंधक विलेख पर हस्ताक्षर किए हैं, वे असली लोग ही हैं। इसलिए गवाहों को पार्टियों को व्यक्तिगत रूप से जानना चाहिए या उनकी पहचान (आधार कार्ड आदि) सत्यापित करनी चाहिए।

2. दबाव मुक्त सहमति (Free Will): गवाह यह सुनिश्चित करते हैं कि कर्ज़दार को प्रॉपर्टी गिरवी रखने के लिए किसी ने धमकी नहीं दी है या ज़बरदस्ती नहीं की है।

3. दस्तावेज़ की जानकारी: गवाह का यह दायित्व है कि वह दस्तावेज़ की मुख्य शर्तें (जैसे लोन की राशि और ब्याज दर) समझे। बंधक डीड रजिस्ट्रेशन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों में गवाहों के पैन और आधार कार्ड की कॉपी भी लगाई जाती है।

गवाह किसे बनाना चाहिए?

  • ऐसे व्यक्ति को गवाह बनाएं जो मज़बूत कानूनी और वित्तीय स्थिति रखता हो।
  • प्रॉपर्टी से सीधे लाभ उठाने वालों (जैसे भाई-बहन या वारिस) को गवाह नहीं बनाना चाहिए।
  • बंधक डीड में Successor/Heir क्लॉज क्यों ज़रूरी है, इसे ध्यान में रखते हुए गवाह चुनें।

एक वास्तविक उदाहरण

रायपुर में एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को एक लेनदार ने धोखे से एक खाली कागज़ पर हस्ताक्षर करवा दिए और बाद में उसे बंधक विलेख बना दिया। बुज़ुर्ग के परिवार ने कोर्ट में केस किया कि दस्तावेज़ पर गवाहों के हस्ताक्षर फर्जी थे। जांच में पता चला कि गवाह लेनदार के अपने रिश्तेदार थे और उन्होंने बुज़ुर्ग से बिना मिले ही हस्ताक्षर कर दिए थे। कोर्ट ने उस बंधक विलेख को रद्द कर दिया, क्योंकि सेल डीड की बाउंड्री शेड्यूल और गवाहों की पहचान सत्यापित नहीं थी।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या परिवार के सदस्य (जैसे बेटा या पत्नी) गवाह बन सकते हैं? A1: कानूनी रूप से वे बन सकते हैं, लेकिन भविष्य में विवाद होने पर उनकी गवाही को कोर्ट में कमज़ोर माना जा सकता है क्योंकि उनका निजी हित (vested interest) हो सकता है।

Q2: अगर गवाहों के हस्ताक्षर नहीं हों तो क्या होगा? A2: अगर बंधक विलेख पर दो गवाहों के हस्ताक्षर नहीं हैं, तो रजिस्ट्रार उसे दर्ज ही नहीं करेगा। अगर किसी तरह दर्ज हो भी जाए, तो वह दस्तावेज़ कानूनी रूप से अमान्य (invalid) होगा।

Q3: क्या गवाह को बंधक विलेख की एक कॉपी मिलती है? A3: नहीं, गवाह को कॉपी देना आवश्यक नहीं है, लेकिन वह मुख्य पंजी (Register) में अपना नाम और पता दर्ज करवाता है।


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सभी बंधक और लोन लेखों के लिए: बंधक और लोन दस्तावेज़

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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