Krishi bhoomi (agricultural land) gift karne ka special process CG mein

छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि (Agricultultural Land) को दान (Gift) करने का प्रोसेस सामान्य आवासीय प्रॉपर्टी से अलग है। इसके लिए सब-रजिस्ट्रार में दान-पत्र (Gift Deed) रजिस्टर कराने के साथ-साथ, तहसील कार्यालय में एक आवेदन देना पड़ता है ताकि सरकार यह पुष्टि करे कि दान लेने वाला (ग्रहीता) कृषि करने के योग्य (किसान) है या नहीं।

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (CG Land Revenue Code) के तहत कृषि भूमि को बेचने या दान देने पर कुछ खास शर्तें लागू होती हैं ताकि कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोग न हो सके।

कृषि भूमि दान करने का Step-by-Step Process

Step 1: दान-पत्र (Gift Deed) की रजिस्ट्री सबसे पहले एक वकील से कृषि भूमि का दान-पत्र तैयार करवाएं। इसमें ज़मीन का खसरा नंबर (Khasra Number) और कुल रकबा साफ लिखा जाएगा। इसे सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्टर कराएं। दान-पत्र क्या होता है, यहाँ पढ़ें।

Step 2: तहसील कार्यालय में आवेदन रजिस्ट्री के बाद, दाता और ग्रहीता को तहसीलदार (Tehsildar) को एक आवेदन देना होगा। इसमें बताना होगा कि ज़मीन किसान से किसान को दान दी जा रही है।

Step 3: पात्रता की जांच (Verification) तहसीलदार जांच करेगा कि क्या ग्रहीता के पास पहले से कृषि भूमि है या वह कृषि करने में सक्षम है। इसमें गिफ्ट डीड में सेक्शन 165 CG लैंड रेवेन्यू कोड का संदर्भ दिया जाता है।

Step 4: नाम अंतरण (Mutation) सब कुछ सही होने पर, तहसीलदार राजस्व रिकॉर्ड (खतियान) में ग्रहीता का नाम दर्ज कर देता है। प्रॉपर्टी दान करने के बाद नाम अंतरण कैसे कराएं, यह अंतिम चरण है।

एक वास्तविक उदाहरण

दुर्ग के एक किसान ने अपनी कृषि भूमि अपने शहर में रहने वाले बेटे को दान करना चाही। उन्होंने दान-पत्र रजिस्टर तो करा दिया, लेकिन तहसील में आवेदन नहीं किया। जब बेटे ने उस ज़मीन को बेचने की कोशिश की, तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड (खतियान) में अभी भी पिता का नाम है। प्रॉपर्टी खरीदते समय टाइटल वेरिफिकेशन में यह खामी पकड़ी गई। बेटे को तब तक इंतज़ार करना पड़ा जब तक कि वह तहसीलदार के पास जाकर म्यूटेशन (नाम अंतरण) नहीं करवा लिया।

(ध्यान दें: कृषि भूमि दान देने से पहले यह भी जांचें कि उस पर कोई कर्ज़ तो नहीं है। प्रॉपर्टी गिफ्ट करने से पहले एनकम्ब्रेंस चेक क्यों ज़रूरी है)

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या किसान अपनी कृषि भूमि किसी गैर-किसान को दान कर सकता है? A1: छत्तीसगढ़ के नियमों के अनुसार, कृषि भूमि सामान्यतः किसान को ही दान की जा सकती है। गैर-किसान को देने के लिए विशेष अनुमति चाहिए।

Q2: कृषि भूमि दान करने पर स्टांप ड्यूटी कितनी लगती है? A2: परिवार के करीबी सदस्यों (जैसे बेटा, बेटी) को कृषि भूमि दान देने पर स्टांप ड्यूटी में भारी छूट मिलती है।

Q3: क्या खसरा नंबर के बिना दान-पत्र बन सकता है? A3: नहीं, कृषि भूमि के दान-पत्र में खसरा नंबर और पटवारी हल्का नंबर का होना अनिवार्य है।


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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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