Joint Hindu family property ka baraabar batwara kaise karein

संयुक्त हिंदू परिवार (Joint Hindu Family) की संपत्ति का बराबर बँटवारा (Equal Partition) करने के लिए सभी सह-स्वामियों (Coparceners) की आपसी सहमति से एक विभाजन विलेख (Partition Deed) बनाना होता है, जिसमें हर एक को हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम (Hindu Succession Act) के अनुसार समान हिस्सा (Equal Share) दिया जाता है।

एक जॉइंट हिंदू परिवार में जब बँटवारा होता है, तो कानूनी रूप से हर को-पार्सिनर (Coparcener – जो प्रॉपर्टी में जन्म से हकदार होता है) को बराबर हिस्सा मिलना चाहिए। 2005 के संशोधन के बाद, इसमें बेटियों का भी पुत्रों के बराबर हक है।

बराबर बँटवारा करने का तरीका

1. सह-स्वामियों (Coparceners) की पहचान: सबसे पहले यह तय करें कि प्रॉपर्टी में किन-किन का हक है। इसमें पति, पत्नी, बेटे और बेटियाँ (अविवाहित या विवाहित) सभी समान अधिकार रखते हैं। पैतृक बनाम स्व-अर्जित संपत्ति में यह अधिकार अलग-अलग तरीके से लागू होते हैं।

2. प्रॉपर्टी का मूल्यांकन (Valuation): प्रॉपर्टी को बाँटने से पहले उसका वर्तमान बाज़ार मूल्य (Market Value) निकाला जाता है, ताकि हिस्से का पैसा बराबर तय हो सके।

3. विभाजन विलेख (Partition Deed) का ड्राफ्ट: एक वकील की मदद से विभाजन विलेख (Partition Deed) क्या होता है, इसे तैयार करें। इसमें साफ लिखा जाएगा कि किस हिस्से पर किसका नाम होगा या प्रॉपर्टी बिकने पर कितने पैसे किसे मिलेंगे।

4. रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री: बँटवारे के दस्तावेज़ को सब-रजिस्ट्रार में रजिस्टर कराएं। बँटवारे की रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है या नहीं, इसका ध्यान रखते हुए स्टांप ड्यूटी चुकाएं। इसके बाद ही प्रॉपर्टी खरीदते समय टाइटल वेरिफिकेशन में आपका नाम अकेला दिखेगा।

एक वास्तविक उदाहरण

भिलाई के एक परिवार में पिता की मृत्यु के बाद माँ, दो बेटे और एक बेटी थे। ज़मीन जॉइंट थी। बेटे ज़मीन आपस में बाँट लेना चाहते थे और बेटी को हिस्सा देना नहीं चाहते थे। बेटी ने अपना हक मांगा। कानूनी सलाह के बाद परिवार ने समझा कि बेटी का भी बराबर का हक बनता है। फिर चारों (माँ, 2 बेटे, 1 बेटी) ने मिलकर ज़मीन को चार बराबर हिस्सों में बाँटा और विभाजन विलेख रजिस्टर कराया।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या बेटी की शादी हो जाने के बाद भी उसे जॉइंट प्रॉपर्टी का हिस्सा मिलेगा? A1: हां, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार, शादी के बाद भी बेटी को जन्म से प्राप्त अधिकार के तहत बराबर हिस्सा मिलता है।

Q2: अगर एक भाई बँटवारे से मना कर दे तो क्या करें? A2: अगर आपसी सहमति नहीं बन रही, तो पारिवारिक संपत्ति बंटवारे के विवाद का समाधान के लिए सिविल कोर्ट में पार्टिशन सूट (Partition Suit) दायर करना पड़ता है।

Q3: जॉइंट प्रॉपर्टी को बाँटने के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए? A3: मूल सेल डीड, खतियान, परिवार के सदस्यों का विवरण और आधार कार्ड ज़रूरी हैं।


संबंधित लेख:

सभी पारिवारिक बंटवारा लेखों के लिए: पारिवारिक संपत्ति बंटवारा और हस्तांतरण

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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