Kirayanama mein maintenance/repair responsibility kiski hoti hai

किरायानामे (Rent Agreement) में आमतौर पर छोटी मरम्मतें (Minor Repairs) जैसे नल बदलना, पाइप लीक होना या पेंट किरायेदार (Tenant) की ज़िम्मेदारी होती हैं। वहीं बड़ी संरचनात्मक मरम्मतें (Major Repairs) जैसे छत लीक होना, दीवार में दरार आना या सीलेज मकान मालिक (Landlord) की ज़िम्मेदारी होती हैं।

किराये के मकान में रहते हुए अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर कुछ खराब हो तो उसे ठीक कराने का खर्च कौन उठाएगा। इसे लेकर विवाद न हो, इसके लिए किरायानामे में इसका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।

मेंटेनेंस (Maintenance) की ज़िम्मेदारी कैसे बँटती है?

1. किरायेदार की ज़िम्मेदारी (Tenant’s Role):

2. मालिक की ज़िम्मेदारी (Landlord’s Role):

  • बिल्डिंग की संरचना (Structure) से जुड़ी समस्याएं, जैसे छत गिरना, मुख्य नाली जाम होना या बाहरी दीवार में दरार, मालिक को ठीक करानी पड़ती है।
  • अगर घर किसी सोसाइटी में है, तो बाहरी हिस्से की मरम्मत CGHB फ्लैट के कॉमन एरिया मेंटेनेंस की तरह सोसाइटी या मालिक द्वारा की जाती है।

3. एप्लायंसेस (Appliances): अगर मालिक ने घर में AC, गीज़र या चिमनी लगाकर दिए हैं, तो उनकी सर्विसिंग और बड़ी खराबी मालिक की ज़िम्मेदारी होती है, जब तक कि किरायेदार ने उसे जानबूझकर नुकसान न पहुँचाया हो।

एक वास्तविक उदाहरण

दुर्ग के एक मकान मालिक ने घर किराये पर दिया। कुछ महीने बाद घर की छत से रिसाव (Leakage) शुरू हो गया। किरायेदार ने मालिक से ठीक कराने को कहा। मालिक ने मना कर दिया। किरायेदार ने किरायानामे में ज़रूरी क्लॉज की कॉपी निकाली, जिसमें लिखा था कि “बड़ी संरचनात्मक मरम्मत मालिक की ज़िम्मेदारी होगी।” मालिक को कानूनी दबाव में आकर छत की मरम्मत करानी पड़ी।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या किरायेदार घर खाली करते समय पेंट करवाने का खर्च देता है? A1: अगर किरायानामे में लिखा है कि घर खाली करते समय पेंट किरायेदार करवाएगा, तो उसे कराना पड़ेगा। वरना मालिक डिपॉजिट से पैसा काट सकता है।

Q2: अगर किरायेदार ने दीवार में छेद कर दिया हो तो क्या करें? A2: यह किरायेदार की ज़िम्मेदारी है कि वह घर खाली करते समय उसे पुरानी स्थिति (Original State) में ले आए।

Q3: क्या मालिक बिना बताए घर में आकर मरम्मत कर सकता है? A3: नहीं, मालिक को मकान मालिक की प्रॉपर्टी इंस्पेक्शन का अधिकार का पालन करते हुए पहले किरायेदार को सूचित करना होगा।


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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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