Lease agreement termination — tenant aur landlord dono ke rights

लीज़ एग्रीमेंट (Lease Agreement) खत्म करने (Termination) पर मालिक (Landlord) और किरायेदार (Tenant) दोनों के अधिकार (Rights) यह हैं कि दोनों को एक-दूसरे को पहले से तय नोटिस पीरियड (Notice Period) की लिखित सूचना देनी होगी। मालिक बिना कारण बताए अचानक बेदखल नहीं कर सकता, और किरायेदार बिना नोटिस घर छोड़कर नहीं जा सकता।

किराये का संबंध एक कानूनी अनुबंध (Contract) है। इसे खत्म करने का तरीका एग्रीमेंट में लिखा होता है। दोनों पक्षों के अधिकार सुरक्षित रहते हैं।

लीज़ टर्मिनेशन (Termination) में दोनों के अधिकार

1. किरायेदार (Tenant) के अधिकार:

2. मकान मालिक (Landlord) के अधिकार:

  • अगर किरायेदार लगातार किराया नहीं दे रहा है या बिना अनुमति के सब-लेट कर रहा है, तो मालिक को लीज़ खत्म (Terminate) करने का अधिकार है।
  • मालिक कोर्ट का सहारा लेकर किरायेदार को बेदखल (Evict) करवा सकता है।
  • अगर किरायेदार घर को नुकसान पहुँचाता है, तो मालिक डिपॉजिट जब्त कर सकता है।

एक वास्तविक उदाहरण

भिलाई के एक मकान मालिक ने किरायेदार को अचानक 2 दिन में घर खाली करने को कहा। किरायेदार ने कोर्ट में केस किया। कोर्ट ने मालिक को आदेश दिया कि वह लीज़ एग्रीमेंट टर्मिनेशन के अधिकारों के तहत किरायेदार को कम से कम 1 महीने का नोटिस दे। साथ ही, मालिक को Re-entry का अधिकार तभी था जब किरायेदार ने नियम तोड़े हों, जो इस मामले में नहीं था।

(यही नियम सरकारी पट्टों में भी लागू होता है, जहाँ बोर्ड CGHB “Deed of Surrender of Lease” या Re-entry का इस्तेमाल करता है।)

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या लीज़ खत्म होने से पहले मालिक घर बेच सकता है? A1: हां, मालिक घर बेच सकता है, लेकिन नए खरीददार को पुराने किरायेदार को लीज़ की अवधि तक रहने का अधिकार होगा। प्रॉपर्टी लीज़ में थर्ड-पार्टी सेल होने पर किरायेदार के अधिकार यहाँ देखें।

Q2: क्या लीज़ को बीच में तोड़ा जा सकता है? A2: हां, पर रेंट एग्रीमेंट में नोटिस सर्विंग का लीगल प्रोसेस पूरा करके और लॉक-इन पीरियड (अगर है) का जुर्माना देकर तोड़ा जा सकता है।

Q3: अगर किरायेदार नोटिस देकर न जाए तो क्या करें? A3: मालिक सिविल कोर्ट में केस करके उसे बेदखल करवा सकता है।


संबंधित लेख:

सभी लीज़, पट्टा और किराया लेखों के लिए: लीज़, पट्टा और किराया एग्रीमेंट

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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