Gift deed mein Section 165 CG Land Revenue Code ka reference kyun hota hai

कृषि भूमि के दान-पत्र (Gift Deed) में Section 165 (धारा 165) का संदर्भ इसलिए दिया जाता है क्योंकि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (CG Land Revenue Code) की इस धारा के तहत यह तय किया गया है कि किसान अपनी कृषि भूमि को अपने परिवार के सदस्यों को दान (Gift) या वसीयत (Will) के ज़रिए कैसे ट्रांसफर कर सकता है।

सामान्य प्रॉपर्टी को दान देना आसान है, लेकिन कृषि भूमि पर सरकार का नियंत्रण होता है ताकि खेती वाली ज़मीन का गलत इस्तेमाल न हो। इसीलिए दान-पत्र बनाते समय वकील इस धारा को ज़रूर जोड़ते हैं।

धारा 165 (Section 165) का महत्व

1. किसान से किसान ट्रांसफर: इस धारा के अनुसार, कृषि भूमि का दान आमतौर पर उसी परिवार के सदस्य को दिया जा सकता है जो खुद भी किसान हो या जिसके पास पहले से कृषि भूमि हो।

2. सरकारी अनुमति (Exemption): इस धारा में यह भी स्पष्ट किया गया है कि परिवार के करीबी सदस्यों (जैसे पुत्र, पुत्री, पत्नी) को कृषि भूमि दान देने पर बोर्ड या सरकार की विशेष अनुमति (NOC) की ज़रूरत नहीं होती। बस तहसीलदार को सूचित करना पर्याप्त है। कृषि भूमि दान करने का स्पेशल प्रोसेस CG में इसी धारा पर आधारित है।

3. खसरा नंबर का उल्लेख: इस धारा के तहत दान देने के लिए दस्तावेज़ में खसरा नंबर और पटवारी हल्का नंबर का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है, जो सेल डीड की बाउंड्री शेड्यूल की तरह काम करता है।

(ध्यान दें: कानूनी धाराओं और उनके नंबरों में समय-समय पर संशोधन होते रहते हैं। इसलिए दान-पत्र बनवाने से पहले किसी योग्य वकील या रजिस्ट्रार कार्यालय से इस धारा की वर्तमान स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।)

एक वास्तविक उदाहरण

रायपुर के एक किसान ने अपनी ज़मीन अपने शहर में रहने वाले भाई को दान करनी चाही। दान-पत्र में वकील ने धारा 165 का संदर्भ नहीं दिया। जब वे तहसील में नाम अंतरण (Mutation) कराने गए, तो तहसीलदार ने आवेदन खारिज कर दिया। उन्हें वापस जाकर एक सुधार विलेख (Correction Deed) बनाकर धारा 165 का संदर्भ जोड़ना पड़ा, क्योंकि बिना इसके कृषि भूमि का ट्रांसफर कानूनी नहीं माना जाता।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या धारा 165 के तहत ज़मीन गैर-किसान को दी जा सकती है? A1: आमतौर पर नहीं। यह धारा किसान परिवार के सदस्यों के बीच ज़मीन ट्रांसफर को आसान बनाने के लिए है। गैर-किसान को ज़मीन देने के लिए उपायुक्त (Collector) की अनुमति चाहिए।

Q2: क्या इस धारा के तहत दान पर स्टांप ड्यूटी छूट मिलती है? A2: स्टांप ड्यूटी की छूट राज्य सरकार के स्टांप नियमों पर निर्भर करती है, न कि केवल इस धारा पर। हालांकि, परिवार के सदस्यों को दान में काफी छूट मिलती है।

Q3: क्या इस धारा के तहत ज़मीन बेची जा सकती है? A3: यह धारा विशेष रूप से दान (Gift) और वसीयत (Will) के लिए है। ज़मीन बेचने के लिए अलग राजस्व नियम लागू होते हैं।


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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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