Rent agreement mein electricity/water bill responsibility clause

किरायानामे (Rent Agreement) में बिजली और पानी के बिल की ज़िम्मेदारी आमतौर पर किरायेदार (Tenant) की होती है। एग्रीमेंट में यह क्लॉज साफ लिखा जाना चाहिए कि घर के कब्ज़े के दौरान आने वाले सभी यूटिलिटी बिल (Utility Bills) किरायेदार देगा, वरना घर खाली करते समय मकान मालिक (Landlord) उसकी सिक्योरिटी डिपॉजिट से बकाया बिल काट सकता है।

किराये के घर में रहते हुए अक्सर यह विवाद होता है कि बिजली या पानी का बिल कौन देगा। इसे लेकर बाद में झगड़ा न हो, इसके लिए किरायानामे में इसका स्पष्ट उल्लेख ज़रूरी है।

बिजली/पानी बिल की ज़िम्मेदारी के नियम

1. किरायेदार की ज़िम्मेदारी (Tenant’s Responsibility): जब तक किरायेदार घर में रहता है, बिजली (Electricity), पानी (Water), और गैस बिल उसी को देने पड़ते हैं। किरायानामे में ज़रूरी क्लॉज में यह साफ लिखा होना चाहिए।

2. मीटर रीडिंग रिकॉर्ड (Meter Reading Record): घर में किरायेदार के आने के दिन से बिजली और पानी के मीटर की रीडिंग (Reading) किरायानामे में लिख लेनी चाहिए। इससे पहले का बिल मालिक देगा और बाद वाला किरायेदार।

3. डिपॉजिट से कटौती (Deduction from Deposit): अगर किरायेदार घर खाली करते समय बिजली या पानी का बिल नहीं देता है, तो मालिक को कानूनी अधिकार है कि वह सिक्योरिटी डिपॉजिट बनाम एडवांस रेंट में से वह बकाया राशि काट ले।

एक वास्तविक उदाहरण

रायपुर के एक मकान मालिक ने फ्लैट किराये पर दिया। किरायेदार 2 साल रहने के बाद घर खाली कर गया, लेकिन पिछले 3 महीनों का बिजली का बिल नहीं दिया था। मालिक ने उसकी सिक्योरिटी डिपॉजिट (₹30,000) में से ₹15,000 का बिल काट लिया और बाकी पैसा लौटा दिया। किरायेदार ने इसका विरोध नहीं किया क्योंकि एग्रीमेंट में बिल की ज़िम्मेदारी साफ लिखी थी।

(ध्यान दें: अगर घर किसी सरकारी बोर्ड जैसे CGHB का है, तो सर्विस लाइन का मेनटेनेंस बोर्ड या सोसाइटी का होता है, जिसे CGHB से आवंटित फ्लैट में सर्विस लाइन एक्सेस राइट्स कहते हैं, लेकिन बिल भरने की ज़िम्मेदारी किरायेदार की ही होगी।)

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या मकान मालिक पुराना बिजली का बिल किरायेदार से दिलवा सकता है? A1: नहीं, जो बिल किरायेदार के आने से पहले का है, उसका भुगतान मालिक को ही करना पड़ेगा।

Q2: क्या बिजली का मीटर किरायेदार के नाम पर होना चाहिए? A2: आमतौर पर मीटर मालिक के नाम पर ही रहता है, लेकिन किरायेदार अपने नाम पर ट्रांसफर करा सकता है (अगर मालिक को बताकर)।

Q3: अगर पानी की मोटर खराब हो जाए तो उसकी मरम्मत कौन करेगा? A3: मोटर की मरम्मत मालिक की ज़िम्मेदारी होती है, जबकि किरायानामे में मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी के तहत रोज़मर्रा के छोटे काम किरायेदार के होते हैं।


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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]


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