Family dispute mein partition suit file karne ka process

पारिवारिक विवाद (Family Dispute) में पार्टिशन सूट (Partition Suit) दायर करने का प्रोसेस यह है कि सबसे पहले दूसरे सह-स्वामियों को एक कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेजा जाता है। अगर बँटवारा नहीं होता, तो एक वकील के ज़रिए सिविल कोर्ट में ‘प्लेंट’ (Plaint) दाखिल किया जाता है, जिसमें कोर्ट से प्रॉपर्टी को बराबर हिस्सों में बाँटने और एक कमिश्नर (Commissioner) नियुक्त करने की गुहार लगाई जाती है।

जब परिवार के सदस्य आपसी तौर पर पारिवारिक संपत्ति बंटवारे के विवाद को हल करने को तैयार नहीं होते, तो कानूनी रास्ता अपनाना पड़ता है। इसे पार्टिशन सूट (Partition Suit) कहते हैं।

पार्टिशन सूट फाइल करने का Step-by-Step Process

Step 1: कानूनी नोटिस (Legal Notice) सबसे पहले एक वकील के ज़रिए उन सदस्यों को नोटिस भेजें जो बँटवारा करने से मना कर रहे हैं। नोटिस में 15 या 30 दिन का समय दिया जाता है।

Step 2: प्लेंट (Plaint) की तैयारी अगर नोटिस का कोई जवाब नहीं आता, तो वकील एक ‘प्लेंट’ (दावा पत्र) तैयार करेगा। इसमें प्रॉपर्टी का पूरा विवरण, आपका हक और विभाजन विलेख (Partition Deed) क्या होता है, इसकी मांग लिखी जाएगी।

Step 3: कोर्ट फीस और दस्तावेज़ जमा करना सिविल कोर्ट में प्लेंट दाखिल करते समय प्रॉपर्टी की वैल्यू के हिसाब से एक कोर्ट फीस (Court Fee) देनी पड़ती है। साथ ही प्रॉपर्टी के मूल कागज़ों (सेल डीड, खतियान) की कॉपियाँ जमा करनी पड़ती हैं।

Step 4: कमिश्नर की नियुक्ति (Appointment of Commissioner) कोर्ट नोटिस जारी करेगी। जवाब आने के बाद, कोर्ट एक ‘लोकल कमिश्नर’ (Local Commissioner) नियुक्त करेगा जो प्रॉपर्टी पर जाकर उसका नक्शा और भौतिक स्थिति (Physical Inspection) देखेगा।

Step 5: डिक्री (Final Decree) सुनवाई के बाद, कोर्ट एक अंतिम आदेश (Final Decree) पास करेगी जिसमें प्रॉपर्टी को सह-स्वामियों के बीच बाँट दिया जाएगा।

एक वास्तविक उदाहरण

दुर्ग में एक व्यक्ति के पिता की मृत्यु हो गई। उसका भाई पूरी ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया। व्यक्ति ने पहले उसे कानूनी नोटिस भेजा। जब भाई ने बँटवारा नहीं किया, तो उसने सिविल कोर्ट में पार्टिशन सूट दायर किया। कोर्ट ने कमिश्नर भेजा, जिसने ज़मीन को दो हिस्सों में बाँटा। कोर्ट ने आदेश दिया कि उत्तर वाला हिस्सा बड़े भाई को और दक्षिण वाला हिस्सा छोटे भाई को मिलेगा।

(ध्यान दें: अगर विवाद किसी सहकारी समिति से जुड़ा है, तो बंधक विवाद में सहकारी न्यायालय जाना पड़ता है, लेकिन पारिवारिक बँटवारे के लिए सिविल कोर्ट ही जाते हैं।)

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: पार्टिशन सूट में कितना समय लगता है? A1: यह मामले की जटिलता पर निर्भर करता है, लेकिन आमतौर पर इसमें 2 से 5 साल तक का समय लग सकता है।

Q2: क्या मैं पार्टिशन सूट चल रहे होने पर अपने हिस्से को बेच सकता हूँ? A2: आप अपने हिस्से में अपना हक स्थापित कर सकते हैं, लेकिन बिना कोर्ट की अनुमति के भौतिक कब्ज़ा (Possession) नहीं दे सकते।

Q3: पार्टिशन सूट के बाद भी बँटवारा रद्द किया जा सकता है क्या? A3: हां, अगर दोनों पक्ष बाद में सहमत हो जाएं, तो वे पार्टिशन डीड कैंसिल करने का लीगल प्रोसेस अपना सकते हैं।


संबंधित लेख:

सभी पारिवारिक बंटवारा लेखों के लिए: पारिवारिक संपत्ति बंटवारा और हस्तांतरण

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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