Property gift karne ke baad naam antaran (mutation) kaise karayein

प्रॉपर्टी दान (Gift) करने के बाद नाम अंतरण (Mutation) कराने के लिए आपको रजिस्टर्ड दान-पत्र (Gift Deed) और अपने दस्तावेज़ों के साथ तहसील कार्यालय या नगर निगम (म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन) में जाना होता है। वहां एक आवेदन देकर सरकारी रिकॉर्ड (खतियान/प्रॉपर्टी टैक्स रजिस्टर) में दाता की जगह ग्रहीता का नाम दर्ज करवाना पड़ता है।

दान-पत्र की रजिस्ट्री हो जाने का मतलब यह नहीं है कि काम पूरा हो गया। जब तक सरकारी राजस्व रिकॉर्ड (जैसे भू-राजस्व विभाग या नगर पालिका) में प्रॉपर्टी के मालिक का नाम नया नहीं हो जाता, तब तक नए मालिक को प्रॉपर्टी टैक्स (Property Tax) भरने या उसे आगे बेचने में दिक्कत आएगी।

नाम अंतरण (Mutation) का Step-by-Step Process

Step 1: आवेदन तैयार करें तहसीलदार (यदि गाँव की ज़मीन है) या नगर निगम (यदि शहर की प्रॉपर्टी है) को एक लिखित आवेदन दें। इसमें दान-पत्र की रजिस्ट्री संख्या और दाता व ग्रहीता की जानकारी दें।

Step 2: ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करें

Step 3: फीस का भुगतान म्यूटेशन (नाम अंतरण) की एक मामूली फीस (Mutation Fee) होती है, जिसे जमा करनी पड़ती है।

Step 4: सत्यापन (Verification) और आदेश तहसीलदार या नगर निगम का अधिकारी आपके दस्तावेज़ों की जाँच करेगा। सब कुछ सही होने पर वह एक ‘नाम अंतरण आदेश’ (Mutation Order) जारी कर देगा। इसके बाद आपको नए खतियान (Patta) पर अपना नाम छपवा लेना चाहिए। सेल डीड रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन कैसे कराएं, उसी तरीके से दान-पत्र का म्यूटेशन भी होता है।

एक वास्तविक उदाहरण

दुर्ग के एक व्यक्ति को उसके पिता ने घर दान (Gift) कर दिया। दान-पत्र रजिस्ट्रार में दर्ज हो गई। 2 साल बाद जब वह व्यक्ति घर का प्रॉपर्टी टैक्स भरने नगर निगम गया, तो उसे पता चला कि रिकॉर्ड में अभी भी उसके पिता का नाम है। नगर निगम ने उससे टैक्स नहीं लिया और कहा कि पहले दान-पत्र का म्यूटेशन (Mutation) करवाओ। उसे फिर से नगर निगम के चक्कर लगाकर नया पत्ता (Patta) बनवाना पड़ा।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: दान-पत्र की रजिस्ट्री और म्यूटेशन (Mutation) में क्या फर्क है? A1: रजिस्ट्री से प्रॉपर्टी का हक ट्रांसफर हो जाता है, जबकि म्यूटेशन से सरकारी रिकॉर्ड (राजस्व रजिस्टर) में नाम बदलता है।

Q2: क्या बिना म्यूटेशन के मैं दान पाई प्रॉपर्टी बेच सकता हूँ? A2: बेचना तो संभव है क्योंकि दान-पत्र रजिस्टर्ड है, लेकिन खरीददार आपसे म्यूटेशन वाला पत्ता मांगेगा। इसलिए पहले म्यूटेशन करा लेना चाहिए।

Q3: म्यूटेशन में कितना समय लगता है? A3: आमतौर पर दस्तावेज़ सही होने पर 15 से 30 दिनों में म्यूटेशन का आदेश आ जाता है।


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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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