CGHB property ko rent pe dena — kya permission chahiye

CGHB (छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड) की प्रॉपर्टी को किराये (Rent) पर देने के लिए आमतौर पर बोर्ड से औपचारिक अनुमति (Permission/NOC) की ज़रूरत नहीं होती, लेकिन टैनेंट (किरायेदार) के नाम पर पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) और सोसाइटी को सूचना देना अनिवार्य है। हालांकि, प्रॉपर्टी को कमर्शियल (व्यावसायिक) किराये पर देने के लिए बोर्ड की NOC चाहिए।

अक्सर CGHB आवंटितकर्ता (allottee) अपनी फ्लैट या प्लॉट पर रहने के बजाय उसे किराये पर दे देते हैं। क्योंकि CGHB का मकसद आवास देना है, इसलिए नियमों में कुछ बंधन हैं जिनका पालन करना ज़रूरी है।

किराये पर देने के नियम (Residential Property)

1. आवासीय उपयोग (Residential Use): अगर आप अपने आवासीय फ्लैट को किसी परिवार को रहने के लिए किराये पर दे रहे हैं, तो आपको हर बार बोर्ड के पास जाकर अनुमति नहीं लेनी पड़ती। लेकिन यह ज़रूरी है कि 1 साल का लॉक-इन पीरियड पूरा हो गया हो।

2. पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification): किरायेदार की पुलिस वेरिफिकेशन कराना कानूनी तौर पर ज़रूरी है। इसके लिए आपको एक किरायानामा (Rent Agreement) बनाना होगा जिसमें किरायेदार की पहचान (ID proof) दर्ज हो।

3. सोसाइटी को सूचना: अगर आपकी बिल्डिंग में रजिस्टर्ड सोसाइटी है, तो आपको किरायेदार को देने से पहले सोसाइटी के सचिव को लिखित रूप से सूचित करना होगा।

कमर्शियल किराये (Commercial Rent) पर रोक

आप CGHB के आवासीय फ्लैट/प्लॉट को बिना अनुमति के ऑफिस या दुकान के रूप में किराये पर नहीं दे सकते। इसके लिए आपको बोर्ड से ‘Change of Land Use’ की अनुमति लेनी होगी। अन्यथा आपको CGHB लीज़ उल्लंघन पर पेनल्टी लग सकती है।

एक वास्तविक उदाहरण

रायपुर में एक आवंटितकर्ता ने अपना CGHB फ्लैट एक कोचिंग सेंटर (दुकान) को किराये पर दे दिया। इससे बिल्डिंग में अजनबियों का आना-जाना बढ़ गया। सोसाइटी ने CGHB में शिकायत की। बोर्ड ने निरीक्षण किया और आवंटितकर्ता को नोटिस भेजा कि आवासीय फ्लैट को कमर्शियल किराये पर देना नियम विरुद्ध है। उसे कोचिंग सेंटर तुरंत खाली कराना पड़ा।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या CGHB फ्लैट में बैचलर (Bachelor) लड़कों को किराये पर दे सकते हैं? A1: सोसाइटी के बाय-लॉज़ (Bye-laws) के अनुसार इसमें रोक लगाई जा सकती है। कई सोसाइटियां बिना परिवार वाले बैचलर्स को रहने की इजाज़त नहीं देतीं।

Q2: किराये का एग्रीमेंट कितने साल का बनाना चाहिए? A2: आमतौर पर 11 महीने का किरायानामा (Rent Agreement) बनाया जाता है जिसे रजिस्टर कराने की ज़रूरत नहीं होती। किरायानामा में कौन-से क्लॉज ज़रूरी हैं, यहाँ देखें।

Q3: अगर किरायेदार फ्लैट खाली न करे, तो क्या CGHB मदद करेगा? A3: नहीं, किरायेदार से विवाद होने पर आपको सिविल कोर्ट या स्थानीय पुलिस का सहारा लेना होगा, बोर्ड इसमें दखल नहीं देता।


संबंधित लेख:

सभी CGHB लेखों के लिए यहाँ जाएं: CGHB प्रॉपर्टी गाइड

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

Similar Posts

  • CGHB Lease Deed में “Ground Rent” का मतलब और calculation

    CGHB (छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड) की Lease Deed (पट्टा विलेख) में “Ground Rent” (भूमि किराया) का मतलब है वह वार्षिक राशि जो आपको अपने प्लॉट या फ्लैट के नीचे की ज़मिन के इस्तेमाल के लिए बोर्ड को देना होता है। इसका कैलकुलेशन आमतौर पर प्लॉट के कुल बाज़ार मूल्य (plot value) का एक निर्धारित प्रतिशत होता…

  • CGHB scheme mein bina construction ke plot rakhna — kya consequences hain

    CGHB (छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड) स्कीम में प्लॉट लेने के बाद उस पर बिना किसी निर्माण (bina construction ke plot rakhne) के खाली छोड़ने पर आपको भारी एक्सटेंशन फीस (Extension Fee) देनी पड़ती है। अगर लंबे समय तक कोई निर्माण नहीं होता है, तो बोर्ड प्लॉट वापस लेने (Re-entry) का नोटिस भेज सकता है। CGHB का…

  • CGHB society registration under Prakoshtha Swamitva Adhiniyam 1976 kaise karein

    CGHB (छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड) के फ्लैट आवंटितकर्ता अपनी सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन “प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम” (Apartment Ownership Act) के तहत करा सकते हैं। इसके लिए फ्लैट मालिकों के एक समूह को एसोसिएशन बनाकर, उसके बाय-लॉज़ (Bye-laws) तैयार करके रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन करना होता है। CGHB स्कीम में फ्लैट लेने के बाद सोसाइटी बनाना क्यों ज़रूरी…

  • CGHB commercial lease agreement mein security deposit ke rules

    CGHB (छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड) के कमर्शियल (व्यावसायिक) लीज़ एग्रीमेंट में Security Deposit (सुरक्षा राशि) का उद्देश्य बोर्ड को भविष्य में होने वाले नुकसान या बकाया से बचाना है। यह राशि ब्याज-मुक्त (interest-free) रखी जाती है और लीज़ खत्म होने पर या प्रॉपर्टी खाली करने पर ही कुछ शर्तों के साथ वापस (refund) की जाती है।…

  • CGHB se allotted flat mein service line (water/electric) access rights

    CGHB (छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड) से आवंटित (allotted) फ्लैट में सर्विस लाइन (Service Line) जैसे पानी, बिजली और सीवरेज का मुख्य कनेक्शन बोर्ड या सोसाइटी के नाम पर होता है। फ्लैट मालिक का अधिकार सिर्फ अपने फ्लैट के अंदर आने वाली आंतरिक लाइन (Internal Line) तक सीमित होता है। बाहरी मेन लाइन को बदलने या उसे…

  • CGHB Sale Deed क्या होता है — हर clause सरल भाषा में

    CGHB (छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड) का Sale Deed (बिक्री विलेख) एक कानूनी दस्तावेज़ है जो प्रॉपर्टी का अधिकार बोर्ड से आवंटितकर्ता (allottee) के नाम पर ट्रांसफर करता है। इसमें कई ऐसी शर्तें (clauses) होती हैं जो सामान्य प्रॉपर्टी खरीद से अलग होती हैं, जैसे 1 साल तक प्रॉपर्टी बेचने पर रोक या छत पर निर्माण का…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *