Property gift deed mein condition clause kaise add karein (jaise “life-time use only”)

दान-पत्र (Gift Deed) में एक शर्त (Condition Clause) जोड़ने के लिए दस्तावेज़ के मुख्य भाग में एक खास धारा (Special Clause) लिखी जाती है। उदाहरण के लिए, “life-time use only” (आजीवन उपयोग) की शर्त लगाने के लिए लिखा जाता है कि “यह दान दाता (Donor) के आजीवन इस प्रॉपर्टी में रहने और उपयोग करने के अधिकार के साथ दिया जा रहा है।”

आमतौर पर दान-पत्र एक ‘बिना शर्त’ (Absolute) ट्रांसफर होता है। लेकिन Transfer of Property Act के तहत, दाता कुछ खास शर्तें (Conditions) लगा सकता है ताकि ग्रहीता (Donee) उस प्रॉपर्टी के साथ दुर्व्यवहार न करे।

दान-पत्र में शर्त (Condition Clause) कैसे जोड़ें?

1. “Life-time use” (आजीवन उपयोग) की शर्त: अगर माता-पिता अपने घर बेटे या बेटी को दान दे रहे हैं, तो वे शर्त लगा सकते हैं कि “ग्रहीता इस प्रॉपर्टी को बेच नहीं सकता और दाता के आजीवन उसका उपयोग करने का विशेष अधिकार (Right to Residence) दाता के पास रहेगा।”

2. बिक्री पर रोक (No-sale condition): आप यह भी शर्त लगा सकते हैं कि ग्रहीता इस प्रॉपर्टी को किसी तीसरे व्यक्ति को सेल डीड के ज़रिए नहीं बेच सकता।

3. ड्राफ्टिंग (Drafting): इन शर्तों को एक वकील की मदद से दान-पत्र के ‘Special Clauses’ (विशेष धाराएँ) वाले हिस्से में स्पष्ट रूप से लिखा जाना चाहिए। दान-पत्र (Gift Deed) क्या होता है, इसके मूल स्वरूप को बदले बिना इन शर्तों को जोड़ा जाता है।

शर्त टूटने पर क्या होगा?

अगर ग्रहीता इन शर्तों को तोड़ता है (जैसे दाता को घर से निकाल देता है या घर बेच देता है), तो दाता कोर्ट में जाकर दान-पत्र रद्द (Revoke) करने का केस कर सकता है।

एक वास्तविक उदाहरण

रायपुर के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को घर दान (Gift) दे दिया। उसने दान-पत्र में एक शर्त जोड़ दी कि “पत्नी आजीवन इस घर में रहेगी और वह इसे बेच नहीं सकती।” कुछ साल बाद पत्नी ने घर बेचने की कोशिश की। व्यक्ति ने कोर्ट में केस किया। कोर्ट ने पत्नी को घर बेचने से रोक दिया क्योंकि दान-पत्र में दाता और ग्रहीता के राइट्स के तहत शर्त (Condition) पूरी तरह कानूनी थी।

(ध्यान दें: विधवा/विधुर के प्रॉपर्टी राइट्स वाले मामलों में भी यह शर्त अक्सर इस्तेमाल की जाती है ताकि उन्हें घर से न निकाला जा सके।)

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या शर्त वाले दान-पत्र (Conditional Gift Deed) की रजिस्ट्री होती है? A1: हां, इसकी सामान्य दान-पत्र की तरह ही सब-रजिस्ट्रार में रजिस्ट्री होती है।

Q2: क्या ग्रहीता शर्त को बाद में बदल सकता है? A2: नहीं, एक बार रजिस्ट्री होने के बाद शर्त को बिना दाता की लिखित सहमति के नहीं बदला जा सकता।

Q3: क्या शर्त वाला दान-पत्र वसीयत (Will) की तरह है? A3: नहीं, दान-पत्र और वसीयत (Will) में फर्क यह है कि दान-पत्र तुरंत लागू होता है (भले ही उसमें शर्त हो), जबकि वसीयत मृत्यु के बाद लागू होती है।


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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 3036]

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