Gift deed mein daata aur grahita ke rights kya hote hain

दान-पत्र (Gift Deed) में दाता (Donor) का अधिकार यह होता है कि वह प्रॉपर्टी को बिना किसी शर्त के दान कर सकता है, और एक बार दान देने के बाद उसका प्रॉपर्टी पर सारा मालिकाना हक खत्म हो जाता है। वहीं ग्रहीता (Donee) का अधिकार होता है कि वह उस प्रॉपर्टी का पूरा और स्वतंत्र मालिक (Absolute Owner) बन जाता है और उसे बेच या गिरवी रख सकता है।

जब कोई प्रॉपर्टी दान (Gift) में दी जाती है, तो दाता और ग्रहीता के अधिकारों (Rights) का पूरी तरह से ट्रांसफर हो जाना ज़रूरी है। अगर दाता दान देने के बाद भी प्रॉपर्टी पर अपना हक रखता है, तो वह दान-पत्र कानूनी रूप से फर्जी माना जाएगा।

दाता (Donor) और ग्रहीता (Donee) के अधिकार

1. दाता (Donor) के अधिकार:

  • दाता को यह अधिकार है कि वह अपनी स्व-अर्जित संपत्ति (Self-acquired property) को किसी को भी दान कर सके।
  • दान-पत्र रजिस्ट्री के बाद दाता का प्रॉपर्टी पर कोई अधिकार नहीं बचता। वह उसे वापस नहीं मांग सकता (जब ति कि कोई विशेष शर्त कंडीशन क्लॉज न लगाई गई हो)।

2. ग्रहीता (Donee) के अधिकार:

  • ग्रहीता प्रॉपर्टी का पूरा मालिक बन जाता है।
  • वह उस प्रॉपर्टी को बेच सकता है, उस पर बंधक (Mortgage) रखकर लोन ले सकता है, या उसे आगे किसी और को दान कर सकता है।
  • अगर ग्रहीता की मृत्यु हो जाती है, तो उस प्रॉपर्टी पर विधवा/विधुर के प्रॉपर्टी राइट्स और उसके वारिसों का हक बनता है, दाता का नहीं।

एक वास्तविक उदाहरण

भिलाई के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के नाम पर एक दान-पत्र (Gift Deed) बनाया। कुछ साल बाद उनमें तलाक हो गया। पति ने कोर्ट में दावा किया कि प्रॉपर्टी उसकी है क्योंकि उसने दान दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दान-पत्र में दाता और ग्रहीता के राइट्स के अनुसार, एक बार दान देने के बाद पति का हक खत्म हो गया था। अब वह प्रॉपर्टी पत्नी की है, और वह चाहे तो उसे बेच सकती है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या दाता प्रॉपर्टी पर आजीवन रहने का हक रख सकता है? A1: हां, दान-पत्र में एक शर्त (Condition) लगाई जा सकती है कि “यह दान दाता के जीवनकाल तक ही लागू होगा” या “दाता आजीवन वहां रहेगा”।

Q2: क्या ग्रहीता प्रॉपर्टी बेचने से पहले दाता की अनुमति लेगा? A2: नहीं, रजिस्ट्री के बाद ग्रहीता स्वतंत्र मालिक है। उसे बेचने के लिए दाता की अनुमति की ज़रूरत नहीं है।

Q3: क्या दाता ग्रहीता के कर्ज़ की ज़िम्मेदारी लेता है? A3: नहीं, दान के बाद ग्रहीता के कर्ज़ से दाता का कोई वास्ता नहीं है। वह जवाबदेह नहीं होगा।


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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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