Flat purchase mein Vendor/Vendee terminology samjhein

फ्लैट या प्रॉपर्टी खरीद के दस्तावेज़ों में Vendor (विक्रेता) का मतलब वह व्यक्ति या बिल्डर होता है जो प्रॉपर्टी बेच रहा है, और Vendee (क्रेता) का मतलब वह व्यक्ति होता है जो प्रॉपर्टी खरीद रहा है। सेल डीड (Sale Deed) के ड्राफ्ट में इन्हीं दो पार्टियों के नाम और अधिकारों का उल्लेख होता है।

कानूनी दस्तावेज़ों में अक्सर ‘खरीददार’ और ‘बिक्रेता’ की जगह Vendor और Vendee शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। इन शब्दों को समझना प्रॉपर्टी सौदे के लिए ज़रूरी है।

Vendor और Vendee कौन होते हैं?

1. Vendor (विक्रेता/बिक्रेता): Vendor वह है जिसके नाम पर प्रॉपर्टी अभी है। वह अपनी प्रॉपर्टी को सेल एग्रीमेंट (Vikray Karar) और सेल डीड के ज़रिए Vendee को ट्रांसफर कर रहा है।

2. Vendee (क्रेता/खरीददार): Vendee वह है जो प्रॉपर्टी खरीद रहा है और जिसके नाम पर प्रॉपर्टी का मालिकाना हक (Ownership) ट्रांसफर हो रहा है। Vendee का कर्तव्य है कि वह तय समय पर पैसे दे और स्टांप ड्यूटी का खर्च उठाए।

इनके अधिकार और कर्तव्य

  • Vendor का कर्तव्य: उसे प्रॉपर्टी पर से अपना नाम हटाना है, पुराने कागज़ देने हैं, और प्रॉपर्टी पर कोई कर्ज़ नहीं होने की गारंटी (Free from Encumbrance) देनी है।
  • Vendee का अधिकार: अगर Vendor छल करता है, तो Vendee कोर्ट में केस कर सकता है। CGHB प्रॉपर्टी का असाइनमेंट/ट्रांसफर प्रोसेस में भी यही शब्दावली इस्तेमाल होती है।

एक वास्तविक उदाहरण

रायपुर के एक व्यक्ति ने एक दुकान खरीदी। सेल डीड का ड्राफ्ट वकील ने तैयार किया। उसमें बिक्रेता (Vendor) के रूप में पुराने मालिक का नाम और खरीददार (Vendee) के रूप में नए खरीददार का नाम लिखा गया। Vendee (खरीददार) ने अपनी ज़िम्मेदारी समझकर स्टांप ड्यूटी कैसे कैलकुलेट करें और Vendor की ज़िम्मेदारी समझकर उससे पुरानी रजिस्ट्री ली।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या Vendor और Vendee एक ही परिवार के हो सकते हैं? A1: हां, अगर पिता अपने बेटे को प्रॉपर्टी बेच रहा है, तो पिता Vendor और बेटा Vendee होगा।

Q2: Vendee का नाम कब बदलता है? A2: सेल डीड रजिस्टर होते ही Vendee प्रॉपर्टी का नया मालिक बन जाता है।

Q3: क्या Vendor प्रॉपर्टी पर अपना लोन छोड़ सकता है? A3: नहीं, Vendor को पहले अपना लोन चुकाकर प्रॉपर्टी मुक्त (Free) करानी पड़ेगी।


संबंधित लेख:

सभी सेल डीड और प्रॉपर्टी खरीद लेखों के लिए: सेल डीड और प्रॉपर्टी खरीद

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [आज की तिथि]


Article 9: Sale deed mein property ke “free from encumbrance” clause ka matlab

URL: /category/sale-deed/free-from-encumbrance-clause/

सेल डीड (Sale Deed) में “Free from Encumbrance” (एनकम्ब्रेंस मुक्त) क्लॉज का मतलब है कि बिक्रेता (Vendor) खरीददार (Vendee) को गारंटी दे रहा है कि प्रॉपर्टी पर कोई कर्ज़ (Loan), बंधक (Mortgage), कोर्ट केस या किसी तीसरे व्यक्ति का अधिकार नहीं है। प्रॉपर्टी पूरी तरह से साफ़ है और खरीददार को बिना किसी बोझ के ट्रांसफर की जा रही है।

प्रॉपर्टी खरीदते समय यह सबसे ज़रूरी क्लॉज में से एक है। अगर प्रॉपर्टी पर पहले से कर्ज़ है और बिक्रेता ने बताया नहीं, तो खरीददार बहुत बड़े नुकसान में पड़ सकता है।

“Free from Encumbrance” क्लॉज का महत्व

1. बिक्रेता की घोषणा (Seller’s Declaration): इस क्लॉज के तहत बिक्रेता यह लिखित रूप से स्वीकार करता है कि उसने प्रॉपर्टी को किसी बैंक या व्यक्ति के नाम नहीं रखा है। इसके लिए सेल डीड से पहले एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (EC) चेक किया जाता है।

2. खरीददार की सुरक्षा (Buyer’s Protection): अगर रजिस्ट्री के बाद पता चलता है कि प्रॉपर्टी पर कर्ज़ था, तो खरीददार इस क्लॉज के आधार पर सिविल कोर्ट में बिक्रेता पर केस कर सकता है और अपना पैसा वापस ले सकता है।

3. प्रॉपर्टी टाइटल साफ़ करना (Clear Title): इस क्लॉज से यह भी पुष्टि होती है कि प्रॉपर्टी खरीदते समय टाइटल वेरिफिकेशन में कोई खामी नहीं है।

(यही क्लॉज प्रॉपर्टी गिफ्ट करने से पहले एनकम्ब्रेंस चेक में भी जांचा जाता है ताकि दान देने वाले का नाम क्लियर हो।)

एक वास्तविक उदाहरण

दुर्ग के एक व्यक्ति ने एक घर खरीदा। सेल डीड में “Free from Encumbrance” का क्लॉज था। 1 साल बाद एक बैंक का अधिकारी आया और बताया कि पिछले मालिक ने यह घर गिरवी (Mortgage) रखा था और लोन नहीं चुकाया। खरीददार ने तुरंत वकील से सलाह ली और सेल डीड के उस क्लॉज के आधार पर पुराने मालिक (Vendor) पर धोखाधड़ी का केस किया। कोर्ट ने पुराने मालिक को खरीददार का पैसा लौटाने और बैंक का लोन चुकाने का आदेश दिया।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या “Free from Encumbrance” का मतलब है कि प्रॉपर्टी पर कोई सोसाइटी चार्ज बकाया नहीं है? A1: हां, इसका मतलब है कि कोई भी बकाया (सोसाइटी, बिजली, या बैंक) नहीं है। सारी बकाया राशियाँ बिक्रेता ने चुका दी हैं।

Q2: अगर बिक्रेता ने झूठा एफिडेविट दिया हो तो क्या करें? A2: आप उसके खिलाफ धोखाधड़ी (Fraud) का केस कर सकते हैं।

Q3: क्या इस क्लॉज के बाद भी EC निकालना ज़रूरी है? A3: हां, कागज़ पर क्लॉज होने के बावजूद आपको हमेशा रजिस्ट्रार से EC निकलवाकर खुद जांच करनी चाहिए।


संबंधित लेख:

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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]


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