Sale deed mein boundary aur dimension schedule kyun important hai

सेल डीड (Sale Deed) में Boundary (सीमा) और Dimension (नाप/माप) का शेड्यूल इसलिए ज़रूरी है ताकि प्रॉपर्टी की सटीक पहचान (Exact Identification) हो सके। इसमें ज़मीन की लंबाई, चौड़ाई और चारों ओर किसकी ज़मीन लगती है, यह लिखा होता है। इसके बिना प्रॉपर्टी पर विवाद या कब्ज़ा (Encroachment) हो सकता है।

प्रॉपर्टी खरीदते समय सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि प्लॉट का नंबर क्या है। यह ज़रूरी है कि सेल डीड में प्रॉपर्टी का सटीक नक्शा और सीमाएं दर्ज हों।

बाउंड्री और डायमेंशन (Boundary & Dimension) का महत्व

1. प्रॉपर्टी की पहचान (Identification): सरकारी रिकॉर्ड में एक गाँव या कॉलोनी में सैकड़ों प्लॉट होते हैं। सेल डीड में बाउंड्री शेड्यूल के ज़रिए यह साफ हो जाता है कि आप किस हिस्से के मालिक हैं।

2. घेराबंदी (Encroachment) रोकना: अगर सेल डीड में साफ लिखा हो कि पूर्व में सड़क है और पश्चिम में राम की ज़मीन, तो कोई भी पड़ोसी आपकी ज़मीन पर अतिक्रमण (Encroachment) नहीं कर सकता।

3. टाइटल वेरिफिकेशन में मदद: प्रॉपर्टी खरीदते समय टाइटल वेरिफिकेशन करते समय वकील इसी शेड्यूल को पटवारी के रिकॉर्ड (खतियान) से मिलाता है। अगर नाप में फर्क है, तो रजिस्ट्री रुक सकती है।

(यही कारण है कि पार्टिशन डीड में अनुसूची “A” और “B” बनाते समय भी बाउंड्री का सटीक विवरण लिखा जाता है।)

एक वास्तविक उदाहरण

भिलाई के एक व्यक्ति ने एक प्लॉट खरीदा। सेल डीड में सिर्फ प्लॉट नंबर लिखा था, डायमेंशन (लंबाई-चौड़ाई) नहीं लिखी थी। निर्माण शुरू करते समय पड़ोसी ने कहा कि आप मेरी जगह पर दीवार बना रहे हैं। चूंकि सेल डीड में सीमा साफ नहीं थी, इसलिए व्यक्ति को तहसील के चक्कर लगाकर एक सर्वेयर (Surveyor) से नक्शा बनवाना पड़ा और पड़ोसी से लड़ाई लड़नी पड़ी।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: अगर सेल डीड में डायमेंशन गलत लिख दी गई हो तो क्या करें? A1: आपको एक ‘सुधार विलेख’ (Correction Deed) बनाकर बिक्रेता के साथ रजिस्ट्रार में रजिस्टर कराना होगा, जिसमें गलती को ठीक किया जाएगा।

Q2: क्या फ्लैट खरीदते समय भी डायमेंशन शेड्यूल होता है? A2: हां, फ्लैट की सेल डीड में फ्लैट का बिल्ट-अप एरिया (Built-up Area) और कॉमन एरिया का हिस्सा साफ लिखा होता है। मल्टी-स्टोरी फ्लैट सेल डीड में कॉमन एरिया राइट्स यहाँ देखें।

Q3: बाउंड्री शेड्यूल में क्या-क्या लिखा होता है? A3: इसमें उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम दिशा में किसकी प्रॉपर्टी या सड़क लगती है, इसका पूरा विवरण होता है।


संबंधित लेख:

सभी सेल डीड और प्रॉपर्टी खरीद लेखों के लिए: सेल डीड और प्रॉपर्टी खरीद

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]


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