Under-construction flat ka sale agreement kaise verify karein

अंडर-कंस्ट्रक्शन (Under-construction) फ्लैट का सेल एग्रीमेंट वेरिफाई (Verify) करते समय आपको सबसे पहले बिल्डर के लैंड के टाइटल (Title) चेक करने चाहिए, फिर सरकार से मंज़ूर किए गए नक्शे (Approved Map) और RERA रजिस्ट्रेशन की जांच करनी चाहिए। इसके साथ ही एग्रीमेंट में पॉसेशन की तारीख और डिफ़ॉल्ट पेनल्टी साफ लिखी होनी चाहिए।

आजकल फ्लैट खरीदते समय लोग अक्सर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में पैसे लगाते हैं। बिल्डर सिर्फ एक बुकिंग फॉर्म देकर एग्रीमेंट कर देता है। लेकिन इसमें कई रिस्क होते हैं, जिन्हें वेरिफाई करना ज़रूरी है।

अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट एग्रीमेंट कैसे वेरिफाई करें?

1. बिल्डर का टाइटल (Builder’s Title): बिल्डर के पास ज़मीन का पूरा हक है या नहीं, यह जांचें। बिल्डर की ज़मीन पर कोई कर्ज़ (Mortgage) तो नहीं है, यह सेल डीड से पहले एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट निकालकर देखें।

2. अप्रूव्ड मैप (Approved Map): बिल्डर ने जो नक्शा दिखाया है, क्या उसे नगर निगम या CGHB ने मंज़ूर (Approve) किया है? बिना अप्रूवल के निर्माण अवैध है। CGHB स्कीम में कंस्ट्रक्शन प्लान अप्रूवल कैसे लें, यहाँ देखें।

3. पॉसेशन की तारीख (Possession Date): सेल एग्रीमेंट में रजिस्ट्रेशन डेट फिक्स करना और पॉसेशन की तारीख साफ लिखी होनी चाहिए। अगर बिल्डर देरी करता है, तो आपको कितना जुरामाना (Penalty) मिलेगा, यह भी लिखा होना चाहिए।

4. RERA रजिस्ट्रेशन: छत्तीसगढ़ में अगर बिल्डर का प्रोजेक्ट बड़ा है, तो उसका RERA (Real Estate Regulatory Authority) में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। RERA वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट की जानकारी देखें।

एक वास्तविक उदाहरण

रायपुर के एक बिल्डर ने अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट बेचे। खरीददारों ने एग्रीमेंट पढ़ने के बजाय सिर्फ बुकिंग फॉर्म भर दिया। 3 साल बाद भी फ्लैट नहीं मिला। जब खरीददारों ने कोर्ट में केस किया, तो पता चला कि बिल्डर के पास नक्शा अप्रूवल ही नहीं था और एग्रीमेंट में देरी पर कोई पेनल्टी क्लॉज नहीं था। उन्हें सालों तक सेल एग्रीमेंट (Vikray Karar) और सेल डीड के बीच फंसे रहना पड़ा।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट की एग्रीमेंट रजिस्ट्री ज़रूरी है? A1: हां, अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी के लिए ‘बिल्डर-बायर एग्रीमेंट’ (Builder-Buyer Agreement) को सब-रजिस्ट्रार में रजिस्टर कराना अनिवार्य है।

Q2: अगर बिल्डर दिवालिया (Bankrupt) हो जाए तो क्या होगा? A2: ऐसी स्थिति में खरीददारों को NCLT (National Company Law Tribunal) या RERA का सहारा लेना पड़ता है।

Q3: अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट में स्टांप ड्यूटी कब देनी पड़ती है? A3: स्टांप ड्यूटी आमतौर पर एग्रीमेंट के समय या फ्लैट पॉसेशन देते समय (जो भी पहले हो) देनी पड़ती है।


संबंधित लेख:

सभी सेल डीड और प्रॉपर्टी खरीद लेखों के लिए: सेल डीड और प्रॉपर्टी खरीद

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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