Property purchase se pehle advance payment agreement kaise banayein

प्रॉपर्टी खरीदते समय एडवांस पेमेंट (Advance Payment या टोकन) देने से पहले एक लिखित एग्रीमेंट बनाना चाहिए जिसमें यह साफ लिखा हो कि दी गई राशि अनापस्त (Non-refundable) है या रिफंड होगी। इसमें प्रॉपर्टी की कीमत, बकाया राशि और सेल डीड (Sale Deed) की तारीख भी दर्ज होनी चाहिए।

घर या ज़मीन खरीदते समय पक्का करने के लिए बिक्रेता (Seller) को कुछ पैसे टोकन के रूप में दिए जाते हैं। अगर इसे सिर्फ मौखिक रूप से या एक सादे कागज़ पर रसीद लिखकर दिया जाए, तो बाद में बहुत समस्याएं आ सकती हैं।

एडवांस पेमेंट एग्रीमेंट में क्या लिखें?

1. राशि का प्रकार (Refundable या Non-refundable): सबसे ज़रूरी बात यह है कि रसीद पर लिखें कि “यह राशि एडवांस (Advance) है और सेल डीड न होने पर वापस (Refund) होगी।” रेंट एग्रीमेंट में डिपॉजिट और एडवांस रेंट की तरह ही इसे भी साफ लिखना ज़रूरी है।

2. फाइनल कीमत (Final Price): एग्रीमेंट में यह लिखें कि प्रॉपर्टी की कुल कीमत कितनी तय हुई है और आपने अभी कितनी राशि दी है।

3. डिफ़ॉल्ट की शर्त (Default Clause): अगर खरीददार पैसे नहीं दे पाए या बिक्रेता प्रॉपर्टी नहीं दे, तो क्या जुरामना (Penalty) होगा? यह बायर/सेलर डिफ़ॉल्ट होने पर कॉम्पेंसेशन क्लॉज में साफ लिखा होना चाहिए।

4. गवाह (Witnesses): एडवांस रसीद पर दो गवाहों के हस्ताक्षर ज़रूर हों, जो यह साबित करें कि सौदा पारदर्शी तरीके से हुआ है।

एक वास्तविक उदाहरण

भिलाई के एक व्यक्ति ने घर खरीदने के लिए ₹2 लाख टोकन दिए। उसने सिर्फ एक डायरी पर लिखवाया “₹2 लाख प्रॉपर्टी बुकिंग के लिए दिए।” 1 महीने बाद बिक्रेता ने सौदा रद्द कर दिया और पैसे वापस करने से मना कर दिया। कोर्ट में डायरी की एंट्री को कमज़ोर सबूत माना गया क्योंकि उसमें रिफंड की शर्त नहीं थी। उस व्यक्ति को काफी संघर्ष करके अपना पैसा वापस लेना पड़ा।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या एडवांस पेमेंट एग्रीमेंट की रजिस्ट्री करानी चाहिए? A1: बड़ी राशियों के लिए इसे सब-रजिस्ट्रार में रजिस्टर कराना सबसे सुरक्षित होता है।

Q2: अगर बिक्रेता सेल डीड कराने से मना कर दे तो क्या करें? A2: आप प्रॉपर्टी सेल एग्रीमेंट कैंसिल करने का लीगल प्रोसेस अपनाकर अपना टोकन और जुर्माना वसूल सकते हैं।

Q3: एडवांस देने से पहले क्या जांच करनी चाहिए? A3: प्रॉपर्टी के कागज़ों की जांच ज़रूरी है। प्रॉपर्टी खरीदते समय टाइटल वेरिफिकेशन करवाए बिना टोकन पैसे न दें।


संबंधित लेख:

सभी सेल डीड और प्रॉपर्टी खरीद लेखों के लिए: सेल डीड और प्रॉपर्टी खरीद

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [आज की तिथि]


Article 3: Sale agreement mein registration date fix karna kyun zaroori hai

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सेल एग्रीमेंट (Sale Agreement) में रजिस्ट्रेशन डेट (Registration Date) फिक्स करना इसलिए ज़रूरी है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रॉपर्टी का अंतिम ट्रांसफर (Sale Deed) किस तारीख तक होगा। इससे बिक्रेता (Seller) टालमटोल नहीं कर सकता और खरीददार (Buyer) को पता रहता है कि उसे बाकी पैसे कब तक तैयार रखने हैं।

प्रॉपर्टी का सौदा टाइम-बाउंड (Time-bound) होना चाहिए। अगर तारीख तय नहीं होगी, तो सौदा सालों तक अधूरा पड़ा रह सकता है।

रजिस्ट्रेशन डेट फिक्स करने का महत्व

1. टालमटोल रोकना (Prevents Delay): अगर सेल एग्रीमेंट (Vikray Karar) में तारीख तय है, तो बिक्रेता उस तारीख से पहले सेल डीड (Sale Deed) के लिए तैयार रहेगा। वह यह नहीं कह सकता कि “मेरे पास समय नहीं है।”

2. फाइनेंसियल प्लानिंग (Financial Planning): खरीददार को बैंक लोन (Loan) लेना हो या अपनी बचत निकालनी हो, उसे पहले से पता होना चाहिए कि पैसे कब चाहिए होंगे। लॉन्ग-टर्म लीज़ और शॉर्ट-टर्म रेंट की तरह ही फाइनेंसियल प्लानिंग के लिए तारीख ज़रूरी है।

3. डिफ़ॉल्ट (Default) का पता लगाना: अगर कोई पार्टी तय तारीख पर रजिस्ट्री के लिए नहीं आती, तो उसे ‘Default’ (नियम तोड़ना) माना जाएगा। इसके बाद प्रॉपर्टी सेल एग्रीमेंट कैंसिल किया जा सकता है या जुर्माना लिया जा सकता है।

एक वास्तविक उदाहरण

रायपुर के एक खरीददार ने ₹10 लाख का टोकन दिया। एग्रीमेंट में सेल डीड की तारीख नहीं लिखी थी। बिक्रेता 1 साल तक रजिस्ट्री कराने से बचता रहा। खरीददार का पैसा ब्लॉक रहा। जब खरीददार ने कोर्ट में केस किया, तो कोर्ट ने एक तारीख तय की और बिक्रेता को आदेश दिया कि सेल एग्रीमेंट में रजिस्ट्रेशन डेट फिक्स करना ज़रूरी था, इसलिए अब तय तारीख पर रजिस्ट्री होगी।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या रजिस्ट्रेशन डेट को बाद में बढ़ाया जा सकता है? A1: हां, दोनों पार्टियों की सहमति से एक ‘एक्सटेंशन एग्रीमेंट’ (Extension Agreement) बनाकर तारीख बढ़ाई जा सकती है।

Q2: अगर बिक्रेता तारीख पर न आए तो क्या टोकन वापस मिलेगा? A2: हां, और एग्रीमेंट के अनुसार उसे जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

Q3: क्या अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट में भी तारीख तय होती है? A3: हां, अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट के सेल एग्रीमेंट को वेरिफाई करते समय बिल्डर से पॉसेशन और रजिस्ट्री की तारीख साफ लिखवानी चाहिए।


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यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, अंतिम निर्णय हेतु संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय/वकील से सलाह लें। अंतिम अपडेट: [July 2026]

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