Sale Deed

  • Under-construction flat ka sale agreement kaise verify karein

    अंडर-कंस्ट्रक्शन (Under-construction) फ्लैट का सेल एग्रीमेंट वेरिफाई (Verify) करते समय आपको सबसे पहले बिल्डर के लैंड के टाइटल (Title) चेक करने चाहिए, फिर सरकार से मंज़ूर किए गए नक्शे (Approved Map) और RERA रजिस्ट्रेशन की जांच करनी चाहिए। इसके साथ ही एग्रीमेंट में पॉसेशन की तारीख और डिफ़ॉल्ट पेनल्टी साफ लिखी होनी चाहिए। आजकल फ्लैट…

  • Sale deed mein boundary aur dimension schedule kyun important hai

    सेल डीड (Sale Deed) में Boundary (सीमा) और Dimension (नाप/माप) का शेड्यूल इसलिए ज़रूरी है ताकि प्रॉपर्टी की सटीक पहचान (Exact Identification) हो सके। इसमें ज़मीन की लंबाई, चौड़ाई और चारों ओर किसकी ज़मीन लगती है, यह लिखा होता है। इसके बिना प्रॉपर्टी पर विवाद या कब्ज़ा (Encroachment) हो सकता है। प्रॉपर्टी खरीदते समय सिर्फ…

  • Property possession sale deed execution ke baad hi milta hai — kyun

    प्रॉपर्टी का पॉसेशन (कब्ज़ा) सेल डीड (Sale Deed) के एग्जीक्यूशन (रजिस्ट्री) के बाद ही इसलिए मिलता है ताकि खरीददार (Buyer) का कानूनी और वास्तविक अधिकार एक साथ पूरा हो सके। रजिस्ट्री से पहले पॉसेशन देना बिक्रेता (Seller) के लिए खतरनाक है, क्योंकि अगर खरीददार पैसे नहीं देता, तो उसे कानूनी रूप से बेदखल करना मुश्किल…

  • Property sale agreement cancel karne ka legal process

    प्रॉपर्टी सेल एग्रीमेंट (Sale Agreement) को कैंसिल करने का कानूनी तरीका यह है कि पहले दोषी पार्टी को एक कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेजा जाता है। अगर विवाद सुलझ न जाए, तो दोनों पार्टियां आपसी सहमति से ‘रद्दीकरण विलेख’ (Cancellation Deed) रजिस्टर करा सकती हैं, या फिर सिविल कोर्ट में केस करके एग्रीमेंट को रद्द…

  • Registry expense buyer ya seller — kaun pay karta hai

    प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री (Sale Deed Registration) का खर्च आमतौर पर खरीददार (Buyer/Vendee) देता है, जिसमें स्टांप ड्यूटी (Stamp Duty) और रजिस्ट्रेशन फीस शामिल होती है। हालांकि, प्रॉपर्टी को साफ़ कराने का खर्च (जैसे पुराना लोन चुकाना या NOC लेना) बिक्रेता (Seller/Vendor) को उठाना पड़ता है। प्रॉपर्टी का सौदा करते समय यह तय करना ज़रूरी है…

  • Flat purchase mein Vendor/Vendee terminology samjhein

    फ्लैट या प्रॉपर्टी खरीद के दस्तावेज़ों में Vendor (विक्रेता) का मतलब वह व्यक्ति या बिल्डर होता है जो प्रॉपर्टी बेच रहा है, और Vendee (क्रेता) का मतलब वह व्यक्ति होता है जो प्रॉपर्टी खरीद रहा है। सेल डीड (Sale Deed) के ड्राफ्ट में इन्हीं दो पार्टियों के नाम और अधिकारों का उल्लेख होता है। कानूनी…

  • Multi-storied flat sale deed mein common area rights

    मल्टी-स्टोरी फ्लैट की सेल डीड (Sale Deed) में Common Area (साझा क्षेत्र) के अधिकार यह हैं कि खरीददार (Buyer) को फ्लैट के अलावा बिल्डिंग के साझा हिस्सों (जैसे सीढ़ियां, लिफ्ट, छत, पार्किंग, और आंगन) में एक निश्चित प्रतिशत का ‘विभाजित अधिकार’ (Undivided Share) मिलता है। इसका मतलब है कि उसे अकेले किसी हिस्से पर कब्ज़ा…

  • Sale deed registration se pehle encumbrance certificate kyun check karein

    सेल डीड (Sale Deed) की रजिस्ट्री से पहले एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (Encumbrance Certificate या EC) इसलिए चेक करना पड़ता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रॉपर्टी पर कोई पहले से कर्ज़ (Loan/Mortgage), कोर्ट केस या कोई अन्य कानूनी बोझ (Encumbrance) तो नहीं है। अगर प्रॉपर्टी पर कर्ज़ चल रहा है, तो उसकी रजिस्ट्री नहीं हो…

  • Buyer/seller default hone par compensation clause kaise likhein

    सेल एग्रीमेंट (Sale Agreement) में बायर (Buyer) या सेलर (Seller) के डिफ़ॉल्ट (Default) होने पर कॉम्पेंसेशन (Compensation) क्लॉज इस तरह लिखा जाता है: “अगर खरीददार बाकी पैसे नहीं देता, तो उसका टोकन जब्त (Forfeit) हो जाएगा। अगर बिक्रेता प्रॉपर्टी ट्रांसफर नहीं करता, तो वह टोकन के अलावा उतनी ही राशि जुर्माने के रूप में देगा।”…

  • Sale Agreement (Vikray Karar) aur Sale Deed mein farak

    सेल एग्रीमेंट (Vikray Karar) और सेल डीड (Sale Deed) में मुख्य फर्क यह है कि सेल एग्रीमेंट सिर्फ प्रॉपर्टी बेचने का एक ‘वादा’ (Agreement to Sell) है जिसमें मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता, जबकि सेल डीड एक अंतिम कानूनी दस्तावेज़ है जिसके रजिस्ट्री होते ही प्रॉपर्टी का मालिकाना हक (Ownership) खरीददार के नाम हो जाता…